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घुमंतू और घायल गौवंशों की समस्या पर गौ रक्षकों की चिंता – जिला पंचायत सीईओ को सौंपा ज्ञापन

मुंगेली में स्थायी गौशाला निर्माण की मांग तेज – समिति ने दी 1 जनवरी तक की चेतावनी

सत्यमत-गौ सेवा कल्याण समिति के गौ रक्षकों ने जिला पंचायत सीईओ और नगर पालिका परिषद के सीएमओ को सौंपा ज्ञापन,सर्व सुविधा युक्त गौशाला की रखी मांग

मुंगेली/नगर में घुमंतू और घायल गौवंशों की बढ़ती समस्या को लेकर मुंगेली गौ सेवा कल्याण समिति के गौ रक्षकों ने चिंता जताई है। इसी संबंध में समिति के सदस्यों ने जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय और नगर पालिका परिषद के सीएमओ होरी सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया।

समिति ने बताया कि शहर और ग्रामीण इलाकों में घुमंतू गौवंशों की संख्या लगातार बढ़ रही है जिसके कारण प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। इन दुर्घटनाओं में घायल होने वाले गौवंशों को समिति द्वारा रेस्क्यू कर गौ सेवा धाम पहुंचाया जाता है, जहाँ उनका उपचार और देखरेख की जाती है।

वर्तमान में समिति द्वारा बांस और त्रिपाल से बनाए गए अस्थायी शेड में 40 से 50 गौवंशों का उपचार चल रहा है। लेकिन हर दिन 2 से 3 नए दुर्घटनाग्रस्त गौवंश गौ धाम लाए जा रहे हैं, जिन्हें रखने के लिए पर्याप्त शेड की व्यवस्था नहीं है। समिति के सदस्यों ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद वे सेवा कर रहे हैं, लेकिन अब हालात तेजी से नियंत्रण के बाहर जा रहे हैं।

ज्ञापन में समिति ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द घुमंतू गौवंशों के लिए सर्व सुविधा युक्त स्थायी गौशाला का निर्माण कराया जाए, ताकि घायल और बेसहारा पशुओं की बेहतर देखभाल की जा सके।

इसके साथ ही समिति ने 1 जनवरी 2026 तक प्रशासन को समयसीमा देते हुए साफ कहा कि यदि निर्धारित तिथि तक गौशाला का निर्माण नहीं कराया गया, तो मुंगेली में होने वाली प्रत्येक दुर्घटना में घायल गौवंशों का उपचार और रखरखाव जिला पंचायत और नगर पालिका परिषद के भवनों में ही किया जाएगा। ऐसी स्थिति में संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

गौ सेवा कल्याण समिति की इस चेतावनी ने प्रशासन को सक्रिय कर दिया है और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बढ़ती समस्याओं का समाधान समय रहते हो पाता है या नहीं।

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