भारतीय नव वर्ष 2026 का उत्सव: परंपरा, विज्ञान एवं नवाचार का संगम
महाविद्यालय में नव वर्ष उत्सव, वट वृक्ष व गौमाता पूजन के साथ मनाया पर्व

सत्यमत –

मुंगेली / बी.आर.एस.एम. कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, मुंगेली के सेमिनार हॉल में दिनांक 19 मार्च 2026 को भारतीय नव वर्ष 2026 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083) का उत्सव बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता डॉ. जितेन्द्र सिन्हा द्वारा की गई तथा कार्यक्रम का समन्वयन प्रभारी (शैक्षणिक) डॉ. देबाशीष पाढ़ी ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुरेन्द्र कुमार चांदनीहा, सहायक प्राध्यापक एवं अजीत जांगड़े, सहायक प्राध्यापक सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इस अवसर पर “भारतीय संस्कृति: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की आधारशिला—प्राचीन ज्ञान से आधुनिक नवाचार तक” विषय पर मुख्य वक्तव्य डॉ. जितेन्द्र सिन्हा द्वारा प्रस्तुत किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने भारतीय परम्पराओं एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए बताया कि किस प्रकार प्राचीन ज्ञान आधुनिक विज्ञान एवं तकनीकी नवाचारों के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति के प्रतीक स्वरूप वट वृक्ष एवं गौमाता की पूजा भी की गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय परम्पराओं के महत्व को उजागर किया गया।
सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेकर नव वर्ष के इस शुभ अवसर को ज्ञान, संस्कृति एवं परम्परा के संगम के रूप में मनाया।



