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मुंगेली में बीआरसी विकास खंङ श्रोत समन्वयक सूर्यकांत उपाध्याय ने बच्चों के स्कूल ड्रेस को आग लगाया

स्कूल ड्रेस शासन से स्कूली बच्चों के लिए नि:शुल्क वितरण के लिए आया था

सत्यमत-मुंगेली/मुंगेली नगर में बीआरसी में विकास खंङ श्रोत समन्वयक के पद पर काबिज सूर्यकांत उपाध्याय के कारनामे पढ़कर आप चौंक जाएंगे । इस कार्यालय का अद्भुत मामला प्रकाश में आया है हालांकि मामला कुछ माह पहले की है जो आपके सामने अब आया है बीआरसी कार्यालय से जुड़ी हुई शासकीय कन्या प्राथमिक शाला ठक्करबापा वार्ड है जो एक दरवाजा से जुड़ा हुआ है । स्कूल के कमरे में हजारों के मात्रा में स्कूल ड्रेस डंप है

जिसकी लागत लाखों-करोड़ों रुपए की है जो बच्चों को नि:शुल्क वितरण करने आया था। मीडिया को इस बात कि भनक लगी कि सप्ताह में 2-3 बार 100-200 नई-नई स्कूल ड्रेस जलाया जा रहा है।
इस दृश्य-अदृश्य माहौल का जायजा लेने हमारी टीम स्कूल पहुंचे जहां बच्चे रोज की तरह पढ़ाई कर रहे थे। क्लास लगी थी, वहीं स्कूल में बीआरसी अधिकारी सूर्यकांत उपाध्याय नई-नई स्कूल ड्रेस को आग के हवाले कर -करा रहे थे। स्कूल में इस वक्त कोई भी दुर्घटना हो सकती थी ।
इसके संबंध में जानकारी लेने पर पता चला कि यह 5 -6वर्षों से कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक के सभी शासकीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क वितरण करने आया था, जो डंप पड़ा हुआ है इतनी संख्या में नई-नई स्कूल ड्रेस ,कचरे की धूल खाते बिखरा पड़ा हुआ है । जिसमें दीमक लगने की कह रहे थे। इतनी संख्या में लाखों रुपए की स्कूल ड्रेस पड़ा हुआ है ।
सवाल यह है कि —

क्या यह बिना उचित टेंडर के लाखों- करोड़ों की यूनिफॉर्म खरीदी थी। जो घोटाले का रूप ले रहा है ।
00 क्या शासन मांग पत्र के हिसाब से यूनिफॉर्म भेजते हैं या बेहिसाब।
00आखिर इतनी मात्रा में ये कैसे डंप हुई।
00क्या बीआरसी नियमों को ताक पर रखकर गलत जानकारी शासन को भेजती रही ।
00 क्या स्कूली बच्चों को यूनिफॉर्म प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में निशुल्क वितरण किया गया या नहीं ।
00 क्या यूनिफार्म के साथ में अन्य चीज भी आती है जैसे टाई, बेल्ट वगैरह।
00 क्या बड़े स्तर का घोटाला है, जहां लाखों रुपए करोड़ों रुपए का शासन को चूना लगाया गया है।
00 क्या नई-नई यूनिफॉर्म को आग के हवाले करने वाले अधिकारियों के ऊपर दंडात्मक
कार्रवाई एफआरआई दर्ज नहीं होनी चाहिए ।
00 क्या शासन को इतने बड़े डंप स्कूल ड्रेस के बारे में संबंधित अधिकारी केद्वारा जानकारी दिया जाता रहा है ।

00इस योजना के बारे में जानकारी00
छत्तीसगढ़ में सन 2018-19 में नि:शुल्क गणवेश वितरण योजना के तहत शासकीय और माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को दो जोड़ी ‌गणवेश उपलब्ध कराए गए थे ।
1. इस योजना का क्रियान्वयन इसको शिक्षा विभाग लोक शिक्षण संचनालय और सर्व शिक्षा अभियान करता है ।
2.यह योजना पूरे छत्तीसगढ़ में लागू है ।
3.इस योजना का मकसद प्रारंभिक शिक्षा को लोकप्रिय बनाना और बच्चों को स्कूल में बने रहने के लिए प्रोत्साहित करना है।
4. इस योजना का लाभ कक्षा 1 से 8वीं तक सभी शासकीय स्कूलों के छात्र- छात्रायें उठा सकते हैं।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए भी नि:शुल्क गणवेश और किताबें देने की योजना शुरू किया है ।
इस योजना का मकसद इन बच्चों को शैक्षणिक सहायता देना है ।

       -आप कौन हैं पूछने पर कहा – मैं बीआरसी अधिकारी हूं।

सवाल – क्यों जलाये जा रहे हैं जवाब- अभी रुकिए न बात कर लेते हैं भाई ,क्या है ना यहां बहुत सारा पानी पड़ा था ।
जलाते हुए
बीआरसी सूर्यकांत उपाध्याय ने बताया- कि मेरे कार्यकाल का नही है पहले से भरा पड़ा है। मैं अधिकारी के कहने पर पंचनामा करा कर खराब दीमक लगे को जलवा‌ रहा हूं।

वहीं संबंधित तात्कालीन अधिकारी ने बताया कि मैं आउट आॅफ स्टेशन थी। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। न मेरा कोई आदेश है।
जैसे ही मामला सामने आया कुछ सामाजिक शिक्षक नेता सक्रिय हो गये । अधिकारी की सामाजिक वर्ग का
दुहाई देते नजर आये।
इस बात से पता चला कि अधिकारी के आस-पास भ्रष्ट चापलूसों कि फौज भी है जो अधिकारियों को गुमराह करते हैं। और कोई मामला आता है तो सामाजिक शिक्षक नेता बचाने भीड़ जाते हैं।
इस बात कि भी जानकारी मिली कि स्कूल ड्रेस जलाने के बाद मामले को रफा-दफा करने पुराने स्कूलों में बचे,खराब हालत ड्रेस को मंगाकर संख्या दिखाने कार्यालय में ड्रेस रखा दिये।
अपुष्ट जानकारी के अनुसार ऐसे अनेकों मामले अभी पर्दे के पीछे हैं जो देर-सबेर पदार्फाश हो सकते हैं। अब देखने वाली बात है कि अधिकारी, शिक्षा पालक संघ व राजनीतिक दलों के नेता इस मामले कि कार्रवाई कहां तक पहुंचती हैं।

 

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