औचक निरीक्षण में खुली शालाओं की हकीकत — कुछ शिक्षक अनुपस्थित, कुछ ने समय पूर्व की छुट्टी
बीईओ डॉ. प्रतिभा मंडलोई ने किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण, लापरवाह शिक्षकों पर हुई कार्रवाई

संपादक विकेश शुक्ला
सत्यमत-मुंगेली में शिक्षा अधिकारी की सख्ती — समय से पहले स्कूल बंद करने पर प्रधान पाठक को कारण बताओ नोटिस
मुंगेली। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) डॉ. प्रतिभा मंडलोई ने आज विभिन्न शालाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला भटगांव, प्राथमिक शाला जागताकापा तथा प्राथमिक शाला सोनपुरी का भ्रमण किया।
निरीक्षण के समय मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान, 90+ परीक्षा आंकलन, पाठकन पंजी तथा शिक्षक डायरी का अवलोकन किया गया। साथ ही बच्चों से अध्ययन से संबंधित जानकारी ली गई।
प्राथमिक शाला भटगांव में चार में से तीन शिक्षक उपस्थित पाए गए, जबकि शिक्षिका पूजा गबेल बिना सूचना के अनुपस्थित थीं। बच्चों ने बताया कि वे प्रायः समय से पहले चली जाती हैं। इस पर विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी ने प्रधान पाठक को निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में समय पूर्व शिक्षकों या विद्यार्थियों को छुट्टी न दी जाए।
माध्यमिक शाला में सात में से तीन शिक्षक उपस्थित थे, एक शिक्षक गिरदावरी ड्यूटी पर तथा शेष अवकाश पर पाए गए। डॉ. मंडलोई ने शिक्षकों को नियमित रूप से विद्यालय आने के निर्देश दिए।
वहीं प्राथमिक शाला सोनपुरी निरीक्षण के समय दोपहर 3:30 बजे बंद पाई गई। इस पर संबंधित प्रधान पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
प्राथमिक शाला चंद्रगढ़ी में निरीक्षण के दौरान शाला समयानुसार सायं 4 बजे तक संचालित पाई गई, जो संतोषजनक रही।
प्राथमिक शाला जगताकापा में 3:45 बजे बच्चों को छुट्टी दे दी गई, हालांकि सभी शिक्षक उपस्थित थे। इस पर बीईओ ने शिक्षकों को समझाइश दी कि समय पूर्व बच्चों को न छोड़ा जाए तथा प्रतिदिन शाला का संचालन प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक सुनिश्चित किया जाए।
डॉ. मंडलोई ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना प्राथमिकता है, इसके लिए अनुशासन और नियमितता आवश्यक है।




