बेसहारा गौवंश को मिलेगी राहत, गौ सेवा धाम में शेड निर्माण के लिए 9.55 लाख मंजूर
बरसात और गर्मी के मौसम में मवेशियों को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी
सत्यमत-मुंगेली / नगर के वार्ड क्रमांक 06 स्थित ‘गौ सेवा धाम’ में अब बेसहारा गौवंश को चिलचिलाती धूप और बारिश से स्थायी निजात मिलेगी। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने गौ-संरक्षण के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने अध्यक्ष मद से 9 लाख 55 हजार रुपये की राशि शेड निर्माण हेतु स्वीकृत की है।
वर्षों पुराना सपना हुआ साकार
गौ सेवा धाम कल्याण समिति पिछले लंबे समय से गौवंश के लिए एक पक्के शेड की आवश्यकता महसूस कर रही थी। मुंगेली में कई दिग्गज जनप्रतिनिधियों और प्रभावशाली नेताओं के होने के बावजूद,यह मांग वर्षों से लंबित थी। समिति के सदस्यों का कहना है कि बरसात और गर्मी के मौसम में मवेशियों को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। अध्यक्ष रोहित शुक्ला की इस पहल ने न केवल इस समस्या का समाधान किया है,बल्कि मुंगेली के इतिहास में गौ-सेवा के प्रति एक नया मानक भी स्थापित किया है।
प्रशासनिक प्रक्रिया और शीघ्र कार्य के निर्देश
अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने केवल राशि की अनुशंसा ही नहीं की,बल्कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से प्रारंभ कराया जाए। उनका उद्देश्य है कि आगामी मौसम की मार से पहले गौवंश के लिए सुरक्षित छत तैयार हो सके।
समिति के सदस्यों ने कार्यालय पहुंच कर जताया आभार
गौ सेवा धाम कल्याण समिति के सदस्यों ने नगर पालिका कार्यालय में नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला से मुलाकात कर उनका आभार जताया साथ ही एक औपचारिक पत्र सौंप कर श्री शुक्ला के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है,इस अवसर पर नगर पालिका परिषद सीएमओ होरी सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे वही समिति के सदस्यों ने कहाकि
“यह सहयोग न केवल गोसेवा के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है,बल्कि अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है। पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने इस सेवा कार्य के लिए इतने बड़े मन से हाथ आगे बढ़ाया है।”
धार्मिक और सामाजिक सरोकार की चर्चा
नगर के सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस निर्णय को ‘ऐतिहासिक’ बताया है। लोगों का कहना है कि उपमुख्यमंत्री और राज्यमंत्री जैसे बड़े पदों पर आसीन नेताओं की मौजूदगी के बीच,नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा उठाया गया यह कदम उनकी धार्मिक प्रवृत्ति और जनसेवा के प्रति समर्पण को सिद्ध करता है।




